वाराणसी, 06 जून।
काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) ने अपने विशाल हरित परिसर का वैज्ञानिक प्रलेखन करते हुए एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। विश्वविद्यालय द्वारा संचालित व्यापक वृक्ष गणना (ट्री सेन्सस) के अंतर्गत 1360 एकड़ में फैले परिसर में 50 समूहों और 158 प्रजातियों के कुल 50,225 वृक्षों की मौजूदगी दर्ज की गई है। इस पूरी कवायद को ‘ट्री ऑफ बीएचयू’ नामक पुस्तक में संकलित किया गया है।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी और आईआईटी (बीएचयू) के निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने इस पुस्तक का लोकार्पण किया। इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता प्रत्येक वृक्ष का जीआईएस (जीआईएस) आधारित भू-संदर्भित मानचित्रण है, जिसमें वृक्षों की संरक्षण स्थिति, पर्यावरणीय महत्व और उपयोगिता का व्यापक विवरण उपलब्ध है।
उद्यान विशेषज्ञ इकाई के प्रभारी प्रो. सरफराज आलम ने बताया कि मार्च से मई 2025 के बीच चले इस अभियान में 24 सेक्टरों में विभाजित कर पूरे परिसर का सर्वेक्षण किया गया। इसमें पर्यावरण, वनस्पति विज्ञान, उद्यानिकी और भूगोल विभागों के 77 छात्रों और 30 उद्यान कर्मियों ने भाग लिया। डॉ. अमिया कुमार सामल के नेतृत्व में हुए इस सर्वेक्षण में आईयूसीएन (आईयूसीएन) की संकट श्रेणियों में शामिल कई प्रजातियों का भी दस्तावेजीकरण किया गया है। इसके साथ ही, विश्वविद्यालय में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत 1,008 पौधों का रोपण भी किया गया। यह डेटाबेस भविष्य में जैव विविधता संरक्षण और सतत परिसर प्रबंधन के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करेगा।












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