नई दिल्ली, 08 जून ।
भारत ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और लगातार जारी हमलों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सभी पक्षों से तत्काल तनाव कम करने और कूटनीतिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की है।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र में हालिया घटनाक्रम अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए अत्यंत चिंता का विषय है, क्योंकि यह संघर्ष पिछले 100 दिनों से अधिक समय से जारी है और इससे गंभीर मानवीय संकट उत्पन्न हुआ है। इसके साथ ही वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
मंत्रालय ने अपने बयान में सभी पक्षों से अपील की कि वे नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें और बातचीत के माध्यम से स्थायी शांति की दिशा में प्रयास तेज करें, ताकि क्षेत्र में स्थिरता बहाल हो सके।
इसी बीच, भारत के तेहरान स्थित दूतावास ने भी भारतीय नागरिकों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है, जिसमें ईरान की अनावश्यक यात्रा से बचने और वहां मौजूद नागरिकों को सुरक्षित माध्यमों से देश छोड़ने की सलाह दी गई है।
क्षेत्रीय घटनाक्रम के बीच इजरायली सेना ने दावा किया है कि उसने ईरान के महशहर क्षेत्र में एक पेट्रोकेमिकल परिसर को निशाना बनाया, जबकि दूसरी ओर ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों को रोकने की बात कही गई है।
रिपोर्टों के अनुसार, वेस्ट बैंक क्षेत्र में देखे गए प्रभाव को इंटरसेप्शन के बाद गिरे मलबे से जुड़ा बताया गया है, जबकि यरुशलम क्षेत्र में मिसाइल हमले की चेतावनी के बाद अलर्ट को वापस ले लिया गया।
इस बीच ईरान के एक शीर्ष सैन्य कमांडर ने चेतावनी दी है कि यदि इजरायल ने दक्षिणी लेबनान और दहियाह क्षेत्र में हमले जारी रखे तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में कुछ सैन्य कार्रवाइयों में प्रतिबंधित हथियारों का उपयोग किया जा रहा है, जिससे स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई है।
रिपोर्टों के अनुसार, संघर्ष की शुरुआत फरवरी के अंत में हुए हमलों के बाद हुई थी, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच जवाबी कार्रवाई का दौर चला। बाद में संघर्षविराम हुआ, लेकिन शांति वार्ताएं सफल नहीं हो सकीं, हालांकि हाल के समय में नए कूटनीतिक प्रयास फिर से शुरू हुए हैं।














