नई दिल्ली, 08 जून।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने सीबीएसई की ऑनलाइन मार्किंग प्रणाली में कथित विसंगतियों को लेकर केंद्र और बोर्ड को नोटिस जारी किया है। जस्टिस नीना बंसल कृष्णा और जस्टिस मधु जैन की खंडपीठ ने यह नोटिस एनएसयूआई द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए जारी किया है।
इस याचिका में कक्षा 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं के डिजिटल मूल्यांकन की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ता का आरोप है कि इस नई प्रणाली के कारण हजारों छात्रों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा है।
दायर याचिका में परिणाम आने के बाद सामने आई कई खामियों का जिक्र है। इनमें उत्तर पुस्तिकाओं की धुंधली स्कैनिंग, पन्ने गायब होना, उत्तर पुस्तिकाओं का मिलान न होना और उम्मीद से काफी कम अंक मिलने जैसी समस्याएं शामिल हैं।
याचिका में इस बात का भी हवाला दिया गया है कि छात्रों को उत्तर पुस्तिकाएं उपलब्ध कराने वाले पोर्टल में तकनीकी खराबी की बात खुद सीबीएसई ने स्वीकार की थी।
न्यायालय ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 12 जून की तारीख तय की है। अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि केंद्र और सीबीएसई इस पर क्या जवाब देते हैं।














