नई दिल्ली, 08 जून।
भारत और इंडोनेशिया के बीच के द्विपक्षीय संबंध एक नई ऊंचाई पर पहुंच गए हैं। विदेश मंत्रालय ने इंडोनेशिया को भारत की 'एक्ट ईस्ट पॉलिसी' का एक प्रमुख स्तंभ बताया है। हाल ही में नई दिल्ली में विदेश मंत्री एस. जयशंकर और उनके इंडोनेशियाई समकक्ष सुगियोनो के बीच हुई उच्च स्तरीय वार्ता में इन मजबूत रिश्तों की झलक देखने को मिली।
दोनों नेताओं ने 8वीं भारत-इंडोनेशिया संयुक्त आयोग बैठक (जेसीएम) की सह-अध्यक्षता की। इस दौरान राजनीति, रक्षा, सुरक्षा, समुद्री व्यापार, निवेश, स्वास्थ्य और डिजिटल क्षेत्र जैसे विभिन्न विषयों पर सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
दोनों देशों के बीच यह गहरा रणनीतिक साझेदारी का रिश्ता सभ्यतागत संबंधों पर टिका है। राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनवरी 2025 की मुलाकात के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों को एक नई गति मिली है।
बैठक में क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार साझा किए गए। दोनों पक्षों ने बहुपक्षीय मंचों पर आपसी तालमेल को और अधिक सुदृढ़ करने पर जोर दिया है।
इंडोनेशियाई विदेश मंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के आगामी इंडोनेशिया दौरे को लेकर भी उत्साह जताया। उन्होंने कहा कि यह दौरा दोनों देशों के बीच सहयोग की नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा।














