चेन्नई, 8 जून।
तमिलनाडु में तिरुप्परंकुंद्रम विवाद को लेकर राजनीतिक माहौल और अधिक गर्म हो गया है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने इस मामले में मुख्यमंत्री विजय और उनकी पार्टी टीवीके पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि टीवीके, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) की कथित “निम्नस्तरीय राजनीति” को आगे बढ़ा रही है और धार्मिक मुद्दों को राजनीतिक लाभ के लिए उपयोग कर रही है।
नागेंद्रन ने सोशल मीडिया पर कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद तिरुप्परंकुंद्रम स्थित दीप स्तंभ पर कार्तिगई दीपम जलाने को लेकर अनुमति नहीं दिए जाने के बयान सामने आ रहे हैं, जिन्हें टीवीके के कुछ विधायक और मंत्री दे रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि मंत्री आदव अर्जुना भी इसी रुख का समर्थन कर रहे हैं।
भाजपा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री विजय से सवाल किया कि जब उनकी पार्टी के मंत्री और विधायक भगवान मुरुगन के भक्तों के धार्मिक अधिकारों के खिलाफ बयान दे रहे हैं, तब मुख्यमंत्री की चुप्पी क्यों बनी हुई है और वास्तविक शासन कौन चला रहा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उच्च न्यायालय की तीन सदस्यीय पीठ के निर्णय का सम्मान करने के बजाय कुछ मंत्री एक विशेष पक्ष के समर्थन में बयान दे रहे हैं, जिसे न्यायिक आदेशों की अवहेलना बताया गया है।
नागेंद्रन ने आगे कहा कि चुनाव के समय अलग रुख अपनाना और सत्ता में आने के बाद धार्मिक भावनाओं के विरोध में खड़ा होना टीवीके की राजनीति को उजागर करता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पार्टी अल्पसंख्यक वोट बैंक को साधने के लिए धार्मिक मुद्दों का उपयोग कर रही है।
इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर और तेज हो गया है।













