नई दिल्ली, 08 जून ।
पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारतीय शेयर बाजार सोमवार को भारी गिरावट के साथ बंद हुआ, जिससे निवेशकों की धारणा पर नकारात्मक असर पड़ा।
कारोबार के अंत में निफ्टी 50 243.70 अंक यानी 1.04 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,123 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 719.08 अंक यानी 0.97 प्रतिशत टूटकर 73,524.26 पर बंद हुआ।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव, वैश्विक तकनीकी शेयरों में बिकवाली और एआई आधारित रैली की स्थिरता को लेकर चिंताओं ने निवेशकों के विश्वास को कमजोर किया है।
विश्लेषकों ने बताया कि सेमीकंडक्टर और तकनीकी शेयरों में दबाव देखा गया है, जिससे यह संकेत मिला है कि उच्च मूल्यांकन को लेकर बाजार में सतर्कता बढ़ रही है, हालांकि इसे अभी ट्रेंड रिवर्सल नहीं माना जा सकता।
सेक्टोरल स्तर पर लगभग सभी प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी मेटल 2.33 प्रतिशत गिरा, निफ्टी ऑटो 1.85 प्रतिशत, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 1.49 प्रतिशत और निफ्टी आईटी 1.23 प्रतिशत नीचे रहा, जबकि निफ्टी एफएमसीजी 0.42 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ।
इसी बीच कच्चे तेल की कीमतों में 4 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
सोने और चांदी के दामों में भी गिरावट देखी गई, जहां सोना 1.43 प्रतिशत टूटकर 10 ग्राम के लिए 1,53,376 रुपये पर पहुंच गया, जबकि चांदी 2.54 प्रतिशत गिरकर 2,42,235 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई।
एशियाई बाजारों में भी भारी बिकवाली देखी गई। जापान का निक्केई 4 प्रतिशत से अधिक गिरा, हांगकांग का हैंग सेंग 1.38 प्रतिशत, ताइवान का वेटेड इंडेक्स 3.60 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 9 प्रतिशत से अधिक टूटकर बंद हुआ।














