भोपाल, 8 जून।
मध्य प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने सोमवार को विकास भवन में विभागीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए उनके पारदर्शी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचे, इसके लिए जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
समीक्षा बैठक में मंत्री ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति, वित्तीय प्रावधान और व्यय की स्थिति का आकलन किया। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन योजनाओं में निर्धारित अवधि के दौरान खर्च कम हुआ है, वहां कार्यों में तेजी लाई जाए और केंद्र सरकार से जुड़े मामलों में लगातार समन्वय बनाकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में उन्होंने 'जन मन' योजना की किश्तों का समय पर भुगतान, सोशल ऑडिट के लिए विशेष सॉफ्टवेयर विकसित करने तथा 'बीबी रामजी योजना' के लिए वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप बजट तैयार करने के निर्देश भी दिए।
मंत्री पटेल ने मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), मनरेगा और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इसके अलावा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, मुख्यमंत्री आवास मिशन, रेडी टू टेक होम राशन और अन्य विकास कार्यों की भी विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान विभागीय प्रशासनिक ढांचे को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से विकास आयुक्त कार्यालय और पंचायत राज संचालनालय के प्रस्तावित विलय पर प्रस्तुतीकरण भी दिया गया। मंत्री ने विलय के बाद विभिन्न स्तरों पर प्रस्तावित पदों और प्रशासनिक व्यवस्था का विस्तृत परीक्षण किया तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि योजनाओं के प्रभावी संचालन और समयबद्ध क्रियान्वयन से ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी तथा आमजन तक सरकारी योजनाओं का लाभ बेहतर तरीके से पहुंच सकेगा।














