भोपाल, 08 जून।
राजधानी स्थित फाइव स्टार होटल कोर्टयार्ड बाय मैरियट के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए उसका फ़ूड लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। होटल परिसर में चूहों की मौजूदगी संबंधी शिकायत मिलने पर राज्य और केंद्र स्तर के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने निरीक्षण किया, जिसमें कई गंभीर कमियां उजागर हुईं।
डीबी सिटी, अरेरा हिल्स स्थित डीलीजेंट होटल कॉर्पोरेशन प्राइवेट लिमिटेड के परिसर में हुई जांच के दौरान अधिकारियों ने होटल के स्टोर और किचन क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान कई स्थानों पर चूहों की गतिविधियां सामने आईं। उपलब्ध पेस्ट कंट्रोल अभिलेखों की जांच में भी इस समस्या की पुष्टि हुई। निरीक्षण दल ने विभिन्न रसोई क्षेत्रों में स्वच्छता और साफ-सफाई के स्तर को भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया।
जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि होटल में उपयोग किए जा रहे शुगर सैशे एक बाहरी निर्माण इकाई से प्राप्त किए जा रहे थे, जिन्हें खाद्य व्यवसाय संचालक की ओर से आवश्यक स्वीकृति नहीं दी गई थी। अधिकारियों ने इसे खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन माना। इसके अलावा वेज-नॉनवेज खाद्य सामग्री को अलग-अलग रखने के बजाय एक ही स्थान पर संग्रहित किया जा रहा था, जिससे खाद्य पदार्थों के दूषित होने की आशंका बनी हुई थी।
निरीक्षण में यह भी पाया गया कि होटल की भंडारण व्यवस्था निर्धारित मानकों के अनुरूप विकसित नहीं थी। खाद्य सामग्री को दूषण से सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक संरचनात्मक प्रबंध पर्याप्त नहीं मिले। साथ ही खाद्य सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक (लाइसेंसिंग और खाद्य व्यवसायों का पंजीकरण) विनियम, 2011 की अनुसूची-4 के प्रावधानों का पालन भी संतोषजनक नहीं पाया गया।
निरीक्षण प्रतिवेदन, उपलब्ध दस्तावेजों की समीक्षा तथा उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर संभावित प्रभाव को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय अभिहित अधिकारी ने होटल की खाद्य व्यवसाय गतिविधियों के साथ केंद्रीय लाइसेंस क्रमांक 11421999000174 को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी किए।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के विरुद्ध अधिनियम के तहत आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। राजधानी के होटल और रेस्टोरेंट संचालकों के लिए इस कार्रवाई को सख्त चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।














