नई दिल्ली, 8 जून।
नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक और सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली को लेकर चल रहे विवाद के बीच संसदीय समिति ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से कई अहम सवालों के जवाब मांगे हैं। समिति ने दोनों संस्थानों को विस्तृत लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
समिति की बैठक में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी से पूछा गया कि उसकी दृष्टि में पेपर लीक की स्पष्ट परिभाषा क्या है। इसके साथ ही वर्ष 2018 से अब तक आयोजित परीक्षाओं में किसी भी प्रकार की पेपर लीक की घटनाओं का पूरा विवरण उपलब्ध कराने को कहा गया है।
समिति के अध्यक्ष और कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह ने एजेंसी से उसके संगठनात्मक ढांचे और मानव संसाधन से जुड़ी जानकारी भी मांगी है। इसमें पिछले तीन वर्षों के कर्मचारियों की संख्या तथा वर्ष 2022 के बाद की गई सभी नियुक्तियों का ब्यौरा शामिल है।
हाल ही में एनटीए ने दावा किया था कि उसकी परीक्षाओं में पेपर लीक नहीं हुआ, बल्कि केवल अनुमानित प्रश्नपत्र प्रसारित हुआ था। समिति ने इस दावे को लेकर भी विस्तृत जवाब मांगा है और संबंधित तथ्यों को स्पष्ट करने को कहा है।
वहीं, ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली से जुड़े मामले में सीबीएसई से टेंडर प्रक्रिया पर कई सवाल पूछे गए हैं। समिति ने जानना चाहा है कि ठेका देने से पहले संबंधित कंपनी की पृष्ठभूमि की जांच किस स्तर पर की गई थी और क्या उससे जुड़े पुराने विवादों की जानकारी बोर्ड के पास थी।
समिति ने यह भी पूछा है कि तीसरे टेंडर में विवादित कंपनियों को अयोग्य ठहराने संबंधी शर्त क्यों हटाई गई और उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग के लिए आधुनिक रोबोटिक स्कैनर के स्थान पर सामान्य स्कैनर के उपयोग की अनुमति किस आधार पर दी गई।
इस विषय को लेकर पहले भी राजनीतिक स्तर पर सवाल उठ चुके हैं। अब संसदीय समिति ने दोनों संस्थानों से विस्तृत जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई और सिफारिशों पर निर्णय लेने के संकेत दिए हैं।













