शिवपुरी, 8 जून।
मध्यप्रदेश में मछलियों के प्रजनन काल को सुरक्षित रखने और मत्स्य संसाधनों के संरक्षण के उद्देश्य से 16 जून से 15 अगस्त तक दो माह की बंद ऋतु लागू रहेगी। इस अवधि में शिवपुरी सहित पूरे प्रदेश की नदियों और अधिसूचित जलाशयों में मछली पकड़ने, परिवहन, विक्रय और विनिमय पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी अर्पित वर्मा ने मत्स्य पालकों, मछुआरों और मछली कारोबार से जुड़े लोगों से शासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रतिबंध अवधि के दौरान किसी भी प्रकार का अवैध मत्स्याखेट बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मत्स्य विभाग के अनुसार 16 जून से 15 अगस्त तक का समय मछलियों के प्राकृतिक प्रजनन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए मध्यप्रदेश मत्स्योद्योग अधिनियम, 1948 और मध्यप्रदेश नदीय नियम, 1972 के प्रावधानों के तहत हर वर्ष इस अवधि को बंद ऋतु घोषित किया जाता है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे छोटे तालाब या जल स्रोत, जिनका किसी नदी से संपर्क नहीं है और जो अधिसूचित जल क्षेत्र की श्रेणी में नहीं आते, उन्हें छोड़कर सभी नदियों और जलाशयों में प्रतिबंध प्रभावी रहेगा। इस दौरान मछली पकड़ना, उसका परिवहन करना, खरीद-बिक्री करना अथवा किसी भी रूप में विनिमय करना प्रतिबंधित रहेगा।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि प्रतिबंध अवधि में अवैध रूप से मछली पकड़ने या परिवहन करते पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाए जाने पर एक वर्ष तक का कारावास, पांच हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों दंड दिए जा सकते हैं।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि कहीं भी अवैध मछली शिकार या परिवहन की गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल संबंधित विभाग को सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।














