भोपाल, 8 जून।
मध्य प्रदेश पुलिस के दो आरक्षकों ने अपनी सतर्कता और सीपीआर प्रशिक्षण का प्रभावी उपयोग करते हुए एक अचेत आगंतुक की जान बचाकर मानवता और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल पेश की है। इस सराहनीय कार्य पर पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने दोनों पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
पुलिस आयुक्त कार्यालय, भोपाल में सोमवार को एक आगंतुक अचानक अस्वस्थ होकर अचेत अवस्था में गिर पड़ा। घटना को देखते ही वहां मौजूद चालक आरक्षक मुकेश साहू और गनमैन आरक्षक रंजीत रघुवंशी ने तत्काल स्थिति की गंभीरता को समझते हुए सहायता के लिए आगे कदम बढ़ाया।
दोनों आरक्षकों ने बिना समय गंवाए प्रशिक्षित कौशल का परिचय देते हुए अचेत व्यक्ति को सीपीआर देना शुरू किया। उन्होंने बारी-बारी से लगातार जीवनरक्षक प्रक्रिया जारी रखी, जिसके परिणामस्वरूप कुछ ही देर में आगंतुक को होश आ गया।
प्राथमिक उपचार के बाद संबंधित व्यक्ति को आगे की चिकित्सा देखभाल और स्वास्थ्य परीक्षण के लिए अस्पताल भेजा गया। समय पर दी गई इस जीवनरक्षक सहायता को उसकी जान बचाने में निर्णायक माना जा रहा है।
पुलिस मुख्यालय के अनुसार मध्य प्रदेश पुलिस द्वारा समय-समय पर पुलिसकर्मियों को सीपीआर और अन्य आपातकालीन चिकित्सा तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाता है, ताकि दुर्घटना, हृदयाघात या अन्य आपात स्थितियों में नागरिकों को तत्काल मदद उपलब्ध कराई जा सके।
इस घटना ने एक बार फिर साबित किया है कि उचित प्रशिक्षण और त्वरित निर्णय क्षमता किसी भी आपात स्थिति में लोगों के लिए जीवनदायी साबित हो सकती है।














