सरकार के एक अत्यंत महत्वपूर्ण पद पर बैठे माननीय इन दिनों अपनी सरकारी कॉलोनी से सटी एक निजी कॉलोनी में नियमित दर्शन दे रहे हैं। संयोग यह है कि मोहतरमा का कार्यक्षेत्र अलग है और माननीय का अलग। लेकिन राजनीति में संयोग सबसे बड़ा विषय होता है।
मोहल्ले के लोग अब चाय कम और चर्चाएं ज्यादा करने लगे हैं। कहते हैं कि रास्ता छोटा हो सकता है, लेकिन चर्चा बहुत लंबी हो जाती है।










