न्यूयॉर्क, 16 जून।
भारत ने स्पष्ट किया है कि यदि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के विस्तार को केवल अस्थायी श्रेणी तक सीमित रखा जाता है, तो सुधार की पूरी प्रक्रिया विफल हो सकती है।
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत हरीश पर्वथनेनी ने अंतर-सरकारी वार्ता बैठक में यह बात कही। उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल अस्थायी श्रेणी में विस्तार करने से सुरक्षा परिषद के निर्णय लेने के ढांचे में कोई बुनियादी बदलाव नहीं आएगा।
भारत ने इसे पूरी तरह अपर्याप्त और असफलता के करीब बताया है। राजदूत ने स्पष्ट किया कि स्थायी श्रेणी का विस्तार करना अनिवार्य है, ताकि पांच वीटो-शक्ति संपन्न देशों—चीन, फ्रांस, रूस, ब्रिटेन और अमेरिका के प्रभुत्व में संतुलन और समानता लाई जा सके।
भारत ने इस दिशा में ठोस परिणाम पाने के लिए टेक्स्ट-आधारित वार्ता की वकालत भी की है। इसका उद्देश्य सुरक्षा परिषद के कार्यप्रणाली और निर्णय लेने के मापदंडों में सार्थक बदलाव लाना है।










