नई दिल्ली, 16 जून।
मध्य-पूर्व में तनाव के बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय एलएनजी टैंकर 'दिशा' ने सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर लिया है। युद्ध शुरू होने के बाद से यह इस मार्ग से गुजरने वाला पहला भारतीय टैंकर बन गया है।
यह पोत 62 हजार 370 मीट्रिक टन एलएनजी लेकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहा है। इसका प्रबंधन शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम द्वारा किया जा रहा है और इसे पेट्रोनेट एलएनजी लिमिटेड ने चार्टर किया है। अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम के समझौते के बाद से यह इस क्षेत्र से गुजरने वाले पहले व्यावसायिक जहाजों में से एक है।
पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के निदेशक उपेश कुमार शर्मा ने बताया कि यह जहाज 18 तारीख को गुजरात के दाहेज बंदरगाह पर पहुंच जाएगा। उन्होंने आगे जानकारी दी कि अब तक 10 भारतीय और 5 विदेशी झंडे वाले कुल 15 जहाज इस रणनीतिक जलमार्ग से सफलतापूर्वक निकल चुके हैं।
सरकार भारतीय नाविकों और जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विदेश मंत्रालय और संबंधित कंपनियों के साथ निरंतर समन्वय कर रही है। उल्लेखनीय है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर सैन्य हमले के बाद यह मार्ग प्रभावी रूप से बंद हो गया था, जिससे क्षेत्रीय नौवहन बाधित हो गया था।









