नई दिल्ली, 16 जून।
उन्होंने जोर दिया कि जो व्यक्ति सोच-समझकर कदम उठाता है, वही सही मायने में सुख और समृद्धि प्राप्त करता है।
प्रधानमंत्री ने अपने विचार व्यक्त करने के लिए एक प्राचीन संस्कृत सुभाषित का सहारा लिया। उन्होंने कहा कि बिना सोचे-समझे किया गया कोई भी कार्य बड़ी विपत्तियों को न्योता देता है। इसलिए किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय को लेने से पहले गहराई से विचार करना अनिवार्य है।
सोशल मीडिया पर साझा की गई इस सीख के माध्यम से उन्होंने स्पष्ट किया कि सफलता का चुनाव उन लोगों को ही करती है जो सोच-विचार कर काम करते हैं। उन्होंने कहा कि हर निर्णय में समझदारी का होना आवश्यक है, क्योंकि यही हमारे भविष्य का आधार तय करता है।
प्रधानमंत्री ने दोहराया कि बिना योजना और विवेक के किए गए कार्य केवल आपदाओं को जन्म देते हैं। सफलता और समृद्धि उन्हीं के द्वार चुनती है जो अपनी दूरदर्शिता से हर कदम सावधानीपूर्वक रखते हैं।










