नई दिल्ली, 16 जून।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और उनकी पार्टी तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) पर लोकसभा में विपक्ष के साथ अन्याय करने का गंभीर आरोप मढ़ा है। उन्होंने दावा किया कि संविधान संशोधन विधेयक पर टीडीपी के रवैये ने संसदीय परंपराओं और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को नुकसान पहुंचाया है।
रमेश ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि 16 अप्रैल को टीडीपी ने संविधान संशोधन विधेयक में बदलाव का सुझाव दिया था। उनका दावा है कि इस संशोधन से लोकसभा में राज्यों की प्रतिनिधित्व क्षमता में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती थी। हालांकि, टीडीपी के प्रस्तावों के बावजूद केंद्रीय गृह मंत्री ने विधेयक में कोई बदलाव नहीं किया।
कांग्रेस नेता ने तंज कसते हुए कहा कि खुद को ‘चाणक्य’ मानने वाले नेताओं का चेहरा 17 अप्रैल की शाम को बेनकाब हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष को विश्वास में लेने के बजाय उनके साथ छल किया गया है।
रमेश ने टीडीपी पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी अब एक अज्ञात राष्ट्रवादी गुट की छाया में सिमटती नजर आ रही है। उन्होंने संसद में विपक्ष की आवाज दबाने को लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए खतरा बताया है।
अंत में कांग्रेस महासचिव ने इसे संसदीय परंपराओं के साथ गंभीर अन्याय करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायी प्रक्रियाओं में विपक्ष के सुझावों को दरकिनार करना स्वस्थ लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है। फिलहाल, टीडीपी या आंध्र सरकार की ओर से इस पर कोई जवाब नहीं आया है।










