नई दिल्ली, 16 जून।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने महेश टिम्बर प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े एक बड़े वित्तीय धोखाधड़ी मामले में सख्त कदम उठाए हैं। एजेंसी ने मंगलवार को करनाल, दिल्ली और गोवा में फैले कुल 11 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की।
इस कार्रवाई की जद में कंपनी के निदेशक अशोक मित्तल, सौरभ धिंगरा, भारत भूषण मित्तल और रमन सिंघल समेत अन्य लोग आए हैं। चंडीगढ़ ईडी शाखा द्वारा संचालित यह पूरा ऑपरेशन सीबीआई द्वारा दर्ज एक एफआईआर के आधार पर शुरू किया गया है।
आरोप है कि कंपनी प्रबंधन ने बैंक धोखाधड़ी के लिए विदेशी लेटर ऑफ क्रेडिट (एफएलसी) की सीमा को अवैध रूप से बढ़ाया। इसके लिए स्विफ्ट सिस्टम में छेड़छाड़ की गई और बैंक के फिनैकल सॉफ्टवेयर में जानबूझकर कोई प्रविष्टि नहीं की गई।
इस सुनियोजित जालसाजी के कारण ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और अन्य बैंकों के कंसोर्टियम को लगभग 155.21 करोड़ रुपये का भारी नुकसान उठाना पड़ा। ईडी के अधिकारियों ने छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में डिजिटल साक्ष्य और महत्वपूर्ण कागजात बरामद किए हैं। फिलहाल एजेंसी वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जांच कर रही है ताकि सभी दोषियों पर कानूनी शिकंजा कसा जा सके।










