पद मिलते ही लोग कहते हैं कि जिम्मेदारी बढ़ गई है। लेकिन जब पार्टी को ताकत दिखाने का मौका आया तो कुछ जिम्मेदार महानुभाव ऐसे गायब हुए, मानो मोबाइल की लोकेशन ही बंद हो गई हो।
अब पार्टी के गलियारों में चर्चा है कि उनकी निष्ठा पार्टी के साथ थी या किसी और संभावना के साथ।










