बेंगलुरु, 16 जून।
कर्नाटक में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की टीम ने मंगलवार को एक बड़ी मुहिम छेड़ दी है। राज्य के अलग-अलग जिलों में कई सरकारी अधिकारियों के ठिकानों पर एक साथ दबिश दी गई। यह कार्रवाई मुख्य रूप से आय से अधिक संपत्ति जुटाने के गंभीर आरोपों के मद्देनजर की गई है।
राजधानी बेंगलुरु में लोकायुक्त ने कर्नाटक हाउसिंग बोर्ड के अतिरिक्त निदेशक राजन्ना और येलहंका बेस्कॉम के एईई उदय कुमार के दफ्तरों व घरों को खंगाला। इन अधिकारियों पर अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक धन अर्जित करने की शिकायतें प्राप्त हुई थीं।
कलबुर्गी में भी लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार पर कड़ा रुख अपनाया है। यहाँ सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियंता माणिक कनकट्टी के आवास समेत कुल पांच ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया गया। इसमें बीदर स्थित मकान और हुमनाबाद के व्यावसायिक परिसर शामिल रहे।
चिक्कमगलूरु की बात करें तो वन विभाग के सहायक वन संरक्षक मोहन भी लोकायुक्त की रडार पर आ गए हैं। कल्याणनगर स्थित उनके आवास पर दस्तावेजों की गहन जांच चल रही है। यह कार्रवाई लगातार मिल रही शिकायतों के बाद अमल में लाई गई है।
दावणगेरे में तीन वरिष्ठ अधिकारियों के आवास और फार्महाउसों पर भी छापेमारी हुई है। इनमें कृष्णा नायक, सिद्धेश्वर हेब्बाल और सन्ना केंचप्पा के ठिकाने शामिल हैं। इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए कुल 12 विशेष टीमों को तैनात किया गया है। अधिकारियों द्वारा किए गए वित्तीय लेन-देन और संपत्ति के दस्तावेजों की छानबीन अभी जारी है।










