भोपाल, 01 जुलाई।
मध्य प्रदेश अब देश में हरित ऊर्जा का नया केंद्र बनने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि राज्य सरकार ने प्रदेश में 24 घंटे नवकरणीय ऊर्जा उपलब्ध कराने की एक महत्वाकांक्षी योजना पर काम शुरू कर दिया है। यह पहल राज्य को स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाएगी।
मुख्यमंत्री ने नई दिल्ली में आयोजित एक प्री-बिड मीटिंग को भोपाल से वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए निवेशकों को आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि दावोस में किए गए वादे के अनुसार प्रदेश सरकार इस परियोजना को तेजी से धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है।
डॉ. यादव ने मध्य प्रदेश के शानदार ट्रैक रिकॉर्ड का उल्लेख करते हुए बताया कि रीवा और शाजापुर-नीमच के सोलर पार्कों ने पहले ही देश में सबसे कम टैरिफ हासिल कर कीर्तिमान स्थापित किए हैं। मुरैना में हाल ही में संपन्न हुआ स्टोरेज प्लस प्रोजेक्ट भी देश की सबसे प्रतिस्पर्धी परियोजनाओं में से एक है।
निवेशकों को भरोसा दिलाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश आज देश का सबसे निवेश मित्र राज्य है, जहाँ पारदर्शी नीतियां और त्वरित निर्णय लेने की व्यवस्था मौजूद है। सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रदेश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है।
इस बैठक में टाटा पॉवर, रिलायंस एनर्जी और अडानी ग्रीन्स समेत देश की कई बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि सभी हितधारकों के सहयोग से यह परियोजना देश की ऊर्जा सुरक्षा और सतत विकास में एक मील का पत्थर साबित होगी।




















