देवरिया, 1 जुलाई।
उत्तर प्रदेश के देवरिया निवासी मर्चेंट नेवी के नाविक राकेश चौहान की मौत का मामला अब बेहद सनसनीखेज मोड़ पर आ गया है। वेनेजुएला में ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले 33 वर्षीय राकेश का शव जब भारत पहुंचा और यहां दोबारा पोस्टमॉर्टम कराया गया, तो परिवार के होश उड़ गए। परिजनों का आरोप है कि राकेश के शरीर से हृदय, फेफड़े, लिवर, किडनी और मस्तिष्क समेत अधिकांश महत्वपूर्ण अंग गायब पाए गए हैं।
मृतक के स्वजन का दावा है कि शव पर कान से कान तक 22 टांके लगे थे, जिसकी जानकारी उन्हें पहले नहीं दी गई थी। फेडरेशन ऑफ सीफेरर्स यूनियंस ऑफ इंडिया (FSUI) ने इस मामले में गंभीर लापरवाही और संभावित साजिश की आशंका जताई है। संगठन का कहना है कि परिवार की अनुमति के बिना अंगों को निकाला जाना और रसीद पर पत्नी का गलत नाम अंकित होना पूरी घटना को संदिग्ध बनाता है।
बीते 7 मई को कंपनी ने फोन पर राकेश के जहाज से गिरने और घायल होने की सूचना दी थी। अगले दिन 8 मई को कंपनी ने दावा किया कि हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई। राकेश ने नवंबर 2025 में मर्चेंट नेवी में कार्यभार संभाला था। अब उनका परिवार मामले की उच्चस्तरीय जांच और उचित मुआवजे की मांग कर रहा है ताकि मौत के पीछे का सच सामने आ सके।
FSUI ने आरोप लगाया है कि नियुक्ति अनुबंध में जिस जहाज का जिक्र था, राकेश की तैनाती उससे भिन्न पोत पर थी। नाविक की पत्नी रंजना और उनके छोटे बच्चे पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिवार का कहना है कि राकेश को विदेश भेजने के लिए उन्होंने भारी भरकम खर्च किया था, लेकिन कंपनी ने मौत से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाकर उनके साथ धोखा किया है।




















