झुंझुनू, 01 जुलाई।
झुंझुनू जिले में एटीएम में नकदी भरने वाली सीएमएस कंपनी से जुड़ा बड़ा कैश घोटाला सामने आया है। मामले के उजागर होने के बाद बैंकिंग और कैश मैनेजमेंट व्यवस्था में हलचल मच गई है। कंपनी के दो कर्मचारी संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए हैं। प्रारंभिक जांच में 83 लाख रुपये से अधिक की नकदी का हिसाब नहीं मिला है और अंतिम ऑडिट के बाद यह रकम एक करोड़ रुपये से अधिक होने की आशंका जताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार सीएमएस कंपनी झुंझुनू, पिलानी और चिड़ावा क्षेत्र के विभिन्न बैंकों के एटीएम में नकदी भरने का कार्य करती है। कंपनी के कर्मचारी सुमेर सिंह और संदीप सिंह पिछले करीब एक वर्ष से यह जिम्मेदारी संभाल रहे थे। शनिवार को दोनों कर्मचारी कैश वैन में सभी एटीएम की चाबियां छोड़कर फरार हो गए। इसके बाद कंपनी अधिकारियों को संदेह हुआ और तत्काल संबंधित एटीएम की आंतरिक ऑडिट शुरू कराई गई।
अब तक 17 एटीएम मशीनों की जांच में 83 लाख रुपये से अधिक की नकदी कम पाई गई है। कंपनी की टीम पिलानी क्षेत्र की सभी एटीएम मशीनों का ऑडिट पूरा कर चुकी है, जबकि झुंझुनू और चिड़ावा की शेष मशीनों की जांच जारी है। दोनों कर्मचारियों के जिम्मे कुल 28 एटीएम मशीनें थीं। प्रारंभिक जांच में पिलानी की एक एटीएम साइट पर लगी दो मशीनों से ही करीब 38 लाख रुपये का कैश कम मिला है। इससे गबन की राशि एक करोड़ रुपये से अधिक होने की आशंका और मजबूत हो गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीकर शाखा प्रबंधक गौरव सिंह सोलंकी ने मंगलवार को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवेंद्र सिंह राजावत से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। साथ ही पिलानी थाने में दोनों कर्मचारियों के खिलाफ लिखित शिकायत भी सौंपी गई है। पुलिस ने कंपनी से सभी एटीएम की अंतिम ऑडिट रिपोर्ट और गबन की कुल राशि उपलब्ध कराने को कहा है। रिपोर्ट मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर आरोपितों की तलाश शुरू की जाएगी। फिलहाल पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है।
झुंझुनू जिले में वर्ष 2016 में भी एटीएम कैश वैन से जुड़ा ऐसा ही मामला सामने आया था, जब कैश वैन के कर्मचारी लाखों रुपये लेकर फरार हो गए थे। करीब एक दशक बाद सामने आए इस प्रकरण ने एक बार फिर बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था और कैश मैनेजमेंट सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं।




















