चेन्नई, 01 जुलाई।
तमिलनाडु की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज है। तमिलगा वेत्रि कड़गम (टीवीके) द्वारा बुलाई गई गठबंधन की एक महत्वपूर्ण बैठक में वामपंथी दलों ने शामिल होने से इनकार कर दिया है। हालांकि, भाकपा और माकपा के वरिष्ठ नेताओं ने मुख्यमंत्री विजय से अलग से मुलाकात की है।
इस मुलाकात के बाद वामपंथी नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे सरकार को बाहर से समर्थन जारी रखेंगे, लेकिन वे फिलहाल किसी औपचारिक राजनीतिक गठबंधन का हिस्सा नहीं बनेंगे। यह कदम नए राजनीतिक समीकरणों के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
द्रमुक गठबंधन से कई दलों के अलग होने के बाद से ही राज्य में नए गठजोड़ को लेकर चर्चाएं गर्म हैं। इसी को लेकर मुख्यमंत्री विजय ने सहयोगियों की एक बैठक बुलाई थी, जिसका निमंत्रण वीसीके, एमडीएमके और मुस्लिम लीग समेत कई दलों को भेजा गया था।
वामपंथी दलों द्वारा इस बैठक से दूरी बनाना एक बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। नेताओं ने बैठक में न जाने के बावजूद मुख्यमंत्री को जनता से जुड़े विभिन्न मुद्दों का ज्ञापन सौंपा।
जानकारों का कहना है कि वामपंथी दल फिलहाल अपनी रणनीतिक स्वायत्तता बनाए रखना चाहते हैं। मुख्यमंत्री विजय अब आने वाले समय में अन्य सहयोगी दलों के साथ बातचीत के जरिए अपनी अगली रणनीति तैयार करेंगे।




















