नई दिल्ली, 01 जुलाई।
वाटरवेज लेज़र टूरिज्म लिमिटेड के लिए शेयर बाजार में एंट्री बेहद निराशाजनक रही है। कंपनी का आईपीओ 808 रुपये के भाव पर जारी किया गया था, लेकिन आज इसकी शुरुआत भारी डिस्काउंट के साथ हुई। बीएसई पर शेयर 690 रुपये और एनएसई पर 681 रुपये के स्तर पर खुले, जिसने निवेशकों को बड़ा झटका दिया है।
कारोबार के दौरान शेयर 722.70 रुपये तक चढ़े, लेकिन बिकवाली का दबाव हावी होते ही भाव 658 रुपये तक गिर गया। दोपहर तक यह शेयर 663 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहे थे। इस तरह अब तक निवेशकों को प्रति शेयर 145 रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है, जो कि 17.95 प्रतिशत की गिरावट है।
कंपनी का 5850 करोड़ रुपये का आईपीओ 23 से 25 जून तक खुला था। इसे निवेशकों का ठंडा रिस्पॉन्स मिला और यह कुल 1.53 गुना ही सब्सक्राइब हो सका था। क्यूआईबी का हिस्सा 0.72 गुना, एनआईआई का 1.23 गुना और रिटेल निवेशकों का हिस्सा 4.40 गुना भरा था। जुटाए गए फंड का इस्तेमाल लीज पेमेंट और विस्तार योजनाओं के लिए किया जाना है।
वित्तीय सेहत पर गौर करें तो कंपनी का प्रदर्शन उतार-चढ़ाव भरा रहा है। वित्त वर्ष 2023-24 में 122.73 करोड़ का घाटा सहने के बाद 2024-25 में कंपनी ने 168.19 करोड़ का लाभ कमाया, जो 2025-26 में गिरकर 52.14 करोड़ रुपये रह गया। राजस्व प्राप्ति भी 2024-25 के 597.68 करोड़ से घटकर 2025-26 में 586.99 करोड़ रुपये पर आ गई।
कंपनी पर कर्ज का बोझ भी चिंताजनक रूप से बढ़ा है। वित्त वर्ष 2023-24 में कर्ज 5.18 करोड़ रुपये था, जो 2024-25 में 30.44 करोड़ और 2025-26 के अंत तक उछलकर 101.90 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी के ईबीआईटीडीए का स्तर भी 2024-25 के 215.46 करोड़ रुपये से घटकर 2025-26 में 117.48 करोड़ रुपये पर सिमट गया है।




















