वारसॉ, 06 जुलाई।
पोलैंड में यूक्रेन को अमेरिका निर्मित पैट्रियट एयर डिफेंस मिसाइलों की कथित गुप्त आपूर्ति को लेकर राजनीतिक घमासान मच गया है। विपक्षी दलों का आरोप है कि सरकार ने संसद को अंधेरे में रखकर मार्च महीने में मिसाइलों का जखीरा कीव को सौंप दिया। हालांकि, प्रशासन की ओर से इन दावों पर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
संसद के डिप्टी स्पीकर क्रिज़िस्तोफ़ बोसाक ने इस कदम को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया है। उनका मानना है कि इन मिसाइलों की आवश्यकता बाल्टिक सीमा पर रूसी इस्कंदर मिसाइलों का मुकाबला करने के लिए पोलैंड को है। उन्होंने भविष्य में किसी भी हथियार के निर्यात के लिए संसदीय मंजूरी को कानूनी रूप से अनिवार्य बनाने की मांग की है।
पूर्व रक्षा मंत्री मारियुस ब्लास्ज़ाक ने भी सरकार से तीखे सवाल पूछे हैं। उन्होंने जानना चाहा है कि क्या इन मिसाइलों के जाने से पोलैंड की रक्षा क्षमता प्रभावित हुई है और अमेरिका से मिलने वाली भविष्य की आपूर्ति पर इसका क्या असर पड़ेगा। वैश्विक स्तर पर बढ़ती मांग के कारण पैट्रियट इंटरसेप्टर की उपलब्धता पहले से ही काफी कम हो गई है।
उधर, वारसॉ और कीव के बीच बढ़ते तनाव का असर भी साफ़ दिख रहा है। यूक्रेन द्वारा एक सैन्य इकाई का नाम विवादास्पद यूपीए के नाम पर रखने से पोलैंड नाराज है, क्योंकि इसे द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान पोलिश नागरिकों के जातीय सफाए के लिए जिम्मेदार माना जाता है। पोलैंड ने यह भी साफ कर दिया है कि वह अब अपने शेष मिग-29 विमान नहीं देगा और कीव को यूरोपीय संघ की सदस्यता के लिए अपने राष्ट्रवादी रुख पर पुनर्विचार करना होगा।



















