एक समय गांव में डोडी पिटवाने का मतलब सिर्फ सूचना देना होता था, लेकिन अब डोडी किसी का भविष्य तय करने लगी है। गांव में फैसला हो रहा है, जबकि अंतिम फैसला शायद अदालत में होगा।
जानकारों का कहना है कि डोडी की आवाज भले गांव तक सुनाई दे, लेकिन उसकी गूंज न्यायालय तक जरूर पहुंचेगी। तब तक कई मौसम बदल जाएंगे और शायद कई कार्यकाल भी पूरे हो जाएंगे।



















