नई दिल्ली, 06 जुलाई।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने फैकल्टी के 460 से ज्यादा पदों के लिए चयन परिणामों का ऐलान कर दिया है। इस पूरी भर्ती प्रक्रिया में पहली बार ब्लॉकचेन डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
संस्थान ने बताया कि इस अत्याधुनिक तकनीक के प्रयोग का मुख्य उद्देश्य चयन प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता और गोपनीयता बनाए रखना था। इसके जरिए डेटा से छेड़छाड़ की हर संभव आशंका को खत्म कर दिया गया है।
भर्ती प्रक्रिया के तहत एम्स और एम्स-सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज कैंपस में असिस्टेंट प्रोफेसर से लेकर प्रोफेसर तक के पदों को भरा गया है। कुल 50 से अधिक विषयों के लिए यह भर्ती आयोजित की गई थी।
इस पूरी कवायद में 3200 से अधिक अभ्यर्थियों ने अपनी किस्मत आजमाई थी। 6 महीने तक चली इस प्रक्रिया में अंकों को वन-टाइम पासवर्ड के जरिए डिजिटल रूप से सुरक्षित किया गया था।
सॉफ्टवेयर ने निर्धारित एल्गोरिदम के आधार पर फाइनल मेरिट लिस्ट तैयार की है। पूरी चयन प्रणाली में मानवीय हस्तक्षेप को शून्य रखा गया, जिससे निष्पक्षता और ईमानदारी सुनिश्चित हो सके।



















