बेंगलुरु, 6 जुलाई।
कर्नाटक की राजधानी के पास स्थित एक खदान में हुए भीषण हादसे ने सबको झकझोर कर रख दिया है। ग्रेनाइट की एक विशाल चट्टान के नीचे दबने से सात प्रवासी श्रमिकों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
यह हृदयविदारक घटना दो जुलाई को घटी, जब खदान में दो स्टोन क्रशर मशीनें संचालित की जा रही थीं। हादसे के वक्त मौके पर कुल 16 मजदूर मौजूद थे। इस त्रासदी ने खदान मालिक की भारी लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की ओर इशारा किया है।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने इस पूरी घटना का स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव को नोटिस जारी करते हुए दो सप्ताह के भीतर इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
प्रशासन के अनुसार, घटना के सटीक कारणों और सुरक्षा चूक के बिंदुओं की गहन पड़ताल जारी है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन यह पता लगाने में जुटे हैं कि आखिर किन परिस्थितियों में खदान के भीतर श्रमिकों की जान जोखिम में डाली गई।
इस घटना के बाद से ही क्षेत्र में मातम छाया हुआ है। जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही न हो।



















