हैदराबाद, 06 जुलाई।
भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को तेलंगाना के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात कर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की अवधि एक माह बढ़ाने की मांग की। पार्टी नेताओं ने प्रक्रियागत कठिनाइयों, सत्यापन में आ रही दिक्कतों और पात्र मतदाताओं के नाम छूटने की आशंका का हवाला देते हुए इस संबंध में ज्ञापन भी सौंपा।
पूर्व सांसद बी. विनोद कुमार और विधान परिषद सदस्य एल. रमना के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि मौजूदा समयसीमा में मतदाता सूची का पारदर्शी और त्रुटिरहित पुनरीक्षण पूरा करना कठिन है। उनका कहना था कि यदि कार्यक्रम की अवधि कम से कम एक माह बढ़ा दी जाए तो सभी पात्र मतदाताओं का सत्यापन व्यवस्थित और निष्पक्ष तरीके से किया जा सकेगा।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मुलाकात के बाद बी. विनोद कुमार ने बताया कि बीआरएस ने एसआईआर प्रक्रिया की निगरानी के लिए एक विशेष समिति बनाई है, जो बूथ लेवल एजेंटों और बूथ लेवल अधिकारियों के साथ समन्वय कर रही है। उन्होंने दावा किया कि राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से मिली शिकायतों के अनुसार बूथ लेवल अधिकारी एक समान तरीके से कार्य नहीं कर रहे हैं। उनके अनुसार प्रक्रिया पूरी होने में लगभग 20 दिन शेष हैं, लेकिन बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं को अब तक गणना फॉर्म उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।
पार्टी का दावा है कि राज्य के 3.38 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं में से लगभग 2.96 करोड़ लोगों तक गणना फॉर्म पहुंचाए जाने की बात कही गई है, लेकिन पांच जुलाई तक केवल 19 लाख फॉर्म ही डिजिटाइज हो सके हैं। बीआरएस का कहना है कि मौजूदा गति से निर्धारित समयसीमा में पूरी प्रक्रिया पूरी करना व्यावहारिक नहीं है। उनका मानना है कि अवधि बढ़ने से पात्र मतदाताओं के नाम सूची से छूटने की संभावना कम होगी और प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बन सकेगी।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि सत्यापन के लिए उपयोग की जा रही वर्ष 2002 की मतदाता सूची आसानी से उपलब्ध नहीं है। अधिकांश स्थानों पर उसमें ईपीआईसी नंबर दर्ज नहीं होने से सत्यापन प्रभावित हो रहा है। पार्टी ने यह भी दावा किया कि निर्वाचन आयोग का ऑनलाइन पोर्टल कई बार सुचारु रूप से कार्य नहीं करता और मतदाता सूचियां मुख्य रूप से तेलुगु भाषा में उपलब्ध होने से लोगों को कठिनाई होती है।
इसके अलावा ज्ञापन में बूथ लेवल अधिकारियों के प्रशिक्षण, स्पष्ट दिशा-निर्देश, वर्तनी संबंधी त्रुटियों के आधार पर नाम हटाए जाने, नाम और उपनाम के क्रम में विसंगतियों, मतदाता मैपिंग, फर्जी और मृत मतदाताओं की पहचान की प्रक्रिया तथा जमा किए गए गणना फॉर्म की रसीद जारी नहीं किए जाने जैसे मुद्दे भी उठाए गए। पार्टी ने निर्वाचन आयोग से इन समस्याओं का समाधान करते हुए एसआईआर की अवधि एक माह बढ़ाने का आग्रह किया।



















