वाशिंगटन, 06 जुलाई।
अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) को लेकर अमेरिकी जनता में भारी अविश्वास है। एक ताजा सर्वे के मुताबिक, करीब दो-तिहाई अमेरिकी नागरिक इस समझौते के भविष्य को लेकर आशंकित हैं और इसे युद्ध टालने के लिए नाकाफी मान रहे हैं।
फोकलडेटा द्वारा किए गए इस सर्वे में 66 प्रतिशत मतदाताओं ने राय दी है कि इस समझौते से पश्चिम एशिया में स्थिरता आने के बजाय तनाव और टकराव बढ़ने का खतरा है। केवल 20 प्रतिशत मतदाता ही ऐसे हैं जिन्हें इस एमओयू से इलाके में शांति आने की उम्मीद है।
देश की विदेश नीति पर भी लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया है। करीब 44 प्रतिशत अमेरिकी मानते हैं कि ईरान के साथ संघर्ष ने देश की स्थिति को कमजोर किया है, वहीं 31 प्रतिशत लोग इसे मजबूती का संकेत बता रहे हैं। यह सर्वे 26 से 30 जून के बीच 1,795 लोगों पर किया गया था।
इस एमओयू का मकसद 28 फरवरी से जारी सैन्य गतिरोध को समाप्त करना है। इसमें नौसैनिक नाकेबंदी हटाने और होर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही बहाल करने का रोडमैप शामिल है। इसके अतिरिक्त, ईरान ने परमाणु हथियार नहीं बनाने का आश्वासन दिया है और अगले 60 दिनों में इस मुद्दे पर आगे की बातचीत की जानी है।



















