नई दिल्ली, 06 जुलाई।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने भारतीय कुश्ती संघ को महिला पहलवान विनेश फोगाट को जारी किए गए कारण बताओ नोटिस पर दो सप्ताह के भीतर अंतिम निर्णय लेने का निर्देश दिया है। जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की पीठ ने इस निर्देश के साथ ही खिलाड़ी की याचिका का निपटारा कर दिया।
सुनवाई के दौरान फोगाट के वकील ने चयन प्रक्रिया से जुड़े विषयों पर व्यापक सुनवाई की आवश्यकता जताई। इस पर अदालत ने स्पष्ट किया कि चयन प्रक्रिया को चुनौती देने के लिए अलग से याचिका दायर करनी होगी।
गौरतलब है कि संघ ने 12 मई को फोगाट को अनुशासनहीनता और एंटी-डोपिंग नियमों के उल्लंघन जैसे गंभीर आरोपों के साथ नोटिस दिया था। इसमें खेल में वापसी के लिए अनिवार्य छह महीने के नोटिस की अनदेखी और वजन अधिक होने के कारण हुई फजीहत का उल्लेख किया गया था।
मामला इससे पहले सिंगल बेंच से होता हुआ डिवीजन बेंच तक पहुँचा था। डिवीजन बेंच के आदेश पर फोगाट को एशियन गेम्स ट्रायल में भाग लेने की अनुमति मिली थी, जिसे संघ ने सुप्रीम कोर्ट में भी चुनौती दी थी। शीर्ष अदालत से मिली अनुमति के बाद उन्होंने 30 मई को ट्रायल में हिस्सा लिया था, जिसमें वह सफल नहीं हो सकीं।



















