मुंबई, 6 जुलाई।
महाराष्ट्र में मूसलाधार बारिश का कहर जारी है। मुंबई और कोंकण क्षेत्र में लगातार हो रही तेज बरसात के कारण जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। जगह-जगह जलभराव, भूस्खलन और हादसों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
मौसम विभाग ने मुंबई, ठाणे और रायगढ़ के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। नागरिक निकाय ने लोगों को घरों में रहने और तटीय इलाकों या पुराने जर्जर भवनों से दूर रहने की हिदायत दी है। किसी भी आपात स्थिति के लिए हेल्पलाइन नंबर 1916 जारी किया गया है।
एहतियात के तौर पर मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग और पुणे में आज सभी स्कूलों और कॉलेजों को बंद कर दिया गया है। सरकारी और निजी संस्थानों के लिए यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू है।
मुंबई में कल रात से हो रही तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया है, जिससे यातायात धीमा हो गया है। स्थानीय ट्रेनें देरी से चल रही हैं और हवाई सेवा पर भी खराब मौसम का असर पड़ा है।
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर भी भूस्खलन की घटना हुई है। पुणे से मुंबई आने वाला रास्ता अभी बंद है, जबकि वाहनों को पुराने नेशनल हाईवे से डायवर्ट किया गया है। यात्रा करने वालों को अनावश्यक आवाजाही न करने की सलाह दी गई है।
मुंबई और नवी मुंबई में इमारतों के ढहने से कई लोगों की जान जाने की दुखद खबर है। बचाव कार्य में एनडीआरएफ और दमकल विभाग की टीमें जुटी हुई हैं। वृक्षों और दीवारों के गिरने की सूचनाएं लगातार मिल रही हैं।
रायगढ़ जिले में स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक बनी हुई है। अंबा, कुंडलिका, सावित्री और पातालगंगा नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे आवासीय इलाकों में पानी घुस गया है और बचाव अभियान जारी है।
कोंकण क्षेत्र में कई स्थानों पर लैंडस्लाइड से रास्ते बंद हैं। मुंबई-गोवा हाईवे पर काशेदी के पास मलबा गिरने से यातायात बाधित हुआ है। वरंधा घाट रोड को भी सुरक्षा कारणों से पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
मांडंगड में नदी के बहाव से बहे बजरे पुल के पास फंस गए हैं, जिससे खतरे की आशंका है। पेण-खोपोली मार्ग पर भी बाढ़ के कारण यातायात ठप है। सुधागढ़ में फंसे मजदूरों को सुरक्षित निकाला गया है।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे नदी, समुद्र तट और भूस्खलन वाले क्षेत्रों से दूर रहें। अगले 24 घंटों में और अधिक बारिश की चेतावनी को देखते हुए सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।



















