जयपुर, 06 जुलाई।
राजस्थान पुलिस के डीजीपी राजीव कुमार शर्मा ने सोमवार को राजस्थान पुलिस अकादमी में पिछले छह माह का रिपोर्ट कार्ड जारी करते हुए बताया कि प्रदेश में अपराध के मामलों में 4.65 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस अब केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अपराध की रोकथाम, अपराधियों की अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई और तकनीक आधारित पुलिसिंग को प्राथमिकता देगी।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 की पहली छमाही की तुलना में 2026 की समान अवधि में बीएनएस के तहत दर्ज मामलों की संख्या 99,272 से घटकर 94,652 रह गई। हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, लूट, अपहरण, दुष्कर्म, पॉक्सो और एससी-एसटी एक्ट से जुड़े मामलों में भी कमी दर्ज की गई है। वहीं, पुलिस की सक्रिय कार्रवाई के कारण आबकारी, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामलों में बढ़ोतरी हुई है। चोरी, लूट और नकबजनी के मामलों में बरामदगी का प्रतिशत भी पहले की तुलना में बेहतर रहा है।
महिला सुरक्षा को लेकर कालिका पेट्रोल यूनिट, एंटी रोमियो स्क्वॉड, ऑपरेशन गरिमा और ऑपरेशन खुशी को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया है। इसके साथ ही पॉक्सो और दुष्कर्म से जुड़े मामलों में अनुसंधान की अवधि भी कम की गई है।
साइबर अपराध पर नियंत्रण के लिए सभी 41 पुलिस जिलों में साइबर थानों की स्थापना की जा चुकी है। आर-4-सी और एआई आधारित 1930 कॉल सेंटर की स्थापना की प्रक्रिया जारी है। अब तक 1.84 लाख गुम मोबाइल ट्रेस किए गए हैं, जिनमें से 61 हजार से अधिक मोबाइल उनके मालिकों को वापस सौंपे जा चुके हैं।
ड्रग माफिया के खिलाफ अभियान के तहत मादक पदार्थ तस्करों पर व्यापक कार्रवाई की गई है और कई मामलों में करोड़ों रुपये की अवैध संपत्तियां ध्वस्त की गई हैं। डीजीपी ने कहा कि आगे बड़े ड्रग माफिया और गैंगस्टरों की अपराध से अर्जित संपत्तियों को कुर्क करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। रंगदारी, संगठित अपराध और विदेशों में छिपे आरोपितों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।



















