अशोकनगर, 06 जुलाई।
मध्य प्रदेश के अशोकनगर में कोतवाली पुलिस ने जाली नोट के अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 500 और 100 रुपये के कुल 87,700 रुपये के नकली भारतीय नोट बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में नेटवर्क के तार मध्य प्रदेश के कई जिलों के साथ उत्तर प्रदेश के आगरा तक जुड़े होने की बात सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, मुखबिर से सूचना मिली थी कि रातीखेड़ा-रूसल्ला मार्ग स्थित यात्री प्रतीक्षालय के पास एक युवक बड़ी मात्रा में नकली नोट लेकर उन्हें बाजार में चलाने की तैयारी में है। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर राजगढ़ जिले के ग्राम बबल्या निवासी 22 वर्षीय कुलदीप बघेल को गिरफ्तार किया।
तलाशी के दौरान उसके पास से 500 रुपये के 85 और 100 रुपये के 432 नकली नोट बरामद हुए, जिनकी कुल कीमत 87,700 रुपये बताई गई है। पुलिस ने जाली मुद्रा जब्त कर आरोपित के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
पूछताछ में कुलदीप ने बताया कि उसे यह नकली मुद्रा खंडवा निवासी कार्तिक पाटीदार ने बाजार में चलाने के लिए दी थी। उसने यह भी बताया कि गिरोह का मुख्य सप्लायर उत्तर प्रदेश के आगरा निवासी हेमंत कोली है। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने शिवपुरी में दबिश देकर कार्तिक पाटीदार और हेमंत कोली को भी गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में गिरोह के लंबे समय से जाली भारतीय मुद्रा की सप्लाई करने की बात सामने आई है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि नकली नोटों की छपाई कहां हो रही थी, इसमें किस तकनीक का इस्तेमाल किया गया और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की क्या भूमिका है। मामले की जांच जारी है।



















