भोपाल, 06 जुलाई।
भोपाल नगर निगम में संपत्ति कर और जलकर जमा कराने के नाम पर करीब 14.69 लाख रुपये के कथित गबन का मामला सामने आया है। आरोप है कि दो लिपिक सेवकों ने वार्ड प्रभारी की यूजर आईडी और पासवर्ड का दुरुपयोग कर 106 फर्जी टैक्स रसीदें जारी कर दीं। मामले में अरेरा हिल्स थाना पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर दो दिन की रिमांड पर लिया है।
पुलिस के अनुसार, वार्ड-33 के प्रभारी रघुवीर तिवारी की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया। शिकायत में बताया गया कि 14 मार्च 2026 को आयोजित नेशनल लोक अदालत के बाद रिकॉर्ड की जांच के दौरान उनकी यूजर आईडी से 106 टैक्स रसीदें जारी होना सामने आया। हालांकि, न तो उन्होंने और न ही वार्ड के कंप्यूटर ऑपरेटर ने ये रसीदें जारी की थीं। इसके बाद पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू की गई।
विवेचना के दौरान जोनल अधिकारी सहित संबंधित संपत्ति धारकों के बयान दर्ज किए गए। जांच में सामने आया कि आरोपित शिराज उलहक और मोहम्मद समीर खान लोगों को आधी राशि में संपत्ति कर और जलकर जमा कराने का लालच देते थे। आरोप है कि शिराज ने वार्ड-24 की कंप्यूटर ऑपरेटर को धोखे में रखकर वार्ड-33 के प्रभारी की यूजर आईडी और पासवर्ड हासिल कर लिया। इसके बाद उसी आईडी का उपयोग कर ऑनलाइन भुगतान दर्शाते हुए 106 फर्जी टैक्स रसीदें जारी कर दीं।
पुलिस के मुताबिक, आरोपितों ने लोगों से करीब 14.69 लाख रुपये वसूले, लेकिन यह राशि नगर निगम के खाते में जमा नहीं कराई। आरोप है कि दोनों ने रकम का गबन कर अपने पास रख ली। फर्जी रसीदों का मामला सामने आने के बाद नगर निगम ने आंतरिक जांच कराई, जिसमें अनियमितताओं की पुष्टि होने पर पुलिस को शिकायत सौंपी गई।
अरेरा हिल्स थाना पुलिस ने दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायालय से दो दिन की पुलिस रिमांड प्राप्त की है। पुलिस पूरे फर्जीवाड़े की जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि इस मामले में और कौन-कौन शामिल था, क्या इसी तरह की अन्य घटनाओं को भी अंजाम दिया गया है और गबन की गई राशि कहां खर्च की गई।


















