तेहरान, 16 जुलाई।
ईरान और अमेरिका के बीच जारी सैन्य तनाव ने एक खतरनाक मोड़ ले लिया है। दोनों देशों के बीच लगातार हो रहे हमलों ने पूरे खाड़ी क्षेत्र को युद्ध की आग में धकेल दिया है। अहवाज के शहीद बघाई अस्पताल और मिनाब के एक स्कूल पर हुए कथित हमलों के जवाब में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने जॉर्डन और कुवैत स्थित अमेरिकी एयरबेस को निशाना बनाया है।
अमेरिका ने तेहरान, सेमनन और ग्रेटर टुनब द्वीप सहित कई सैन्य ठिकानों पर भारी हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी नौसेना द्वारा ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी और एक तेल टैंकर को रोकने की कार्रवाई के बाद से स्थिति और भी विस्फोटक हो गई है। जवाब में ईरान ने बहरीन और कुवैत स्थित अमेरिकी साइटों पर मिसाइल और ड्रोन की बौछार कर दी है।
तनाव की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि तेहरान और पाकदास के ऊपर एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया गया है। केशम द्वीप, बंदर अब्बास और चाबहार में हुए जोरदार धमाकों से पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई है। लेबनान और इजराइल के बीच सीमित वापसी की खबरों के बीच, अमेरिका-ईरान का यह टकराव वैश्विक चिंता का विषय बन गया है।
सुरक्षा और बिगड़ते हालात को देखते हुए ईरान के शिक्षा मंत्रालय ने चार दक्षिणी प्रांतों—हॉर्मोजगन, बुशेर, खुज़ेस्तान और सिस्तान-बलूचिस्तान में छात्रों की फाइनल परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। शेष प्रांतों में परीक्षाएं पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेंगी, लेकिन क्षेत्र की अस्थिरता ने आम नागरिकों के जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है।













