सियोल, 16 जुलाई।
पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच दक्षिण कोरिया के केंद्रीय बैंक ने तीन साल से भी अधिक समय में पहली बार अपनी प्रमुख ब्याज दर में बढ़ोतरी का निर्णय लिया है। मौद्रिक नीति को सख्त बनाकर मुद्रास्फीति पर लगाम लगाने के मकसद से यह कदम उठाया गया है।
मौद्रिक नीति समिति की बैठक के बाद बैंक ऑफ कोरिया ने अपनी बेंचमार्क नीति दर को 0.25 प्रतिशत बढ़ा दिया है। अब यह दर 2.5 प्रतिशत से बढ़कर 2.75 प्रतिशत हो गई है। जनवरी 2023 के बाद से यह पहली बार है जब दरों में इजाफा किया गया है।
आंकड़ों के मुताबिक, इस साल मई और जून में उपभोक्ता मूल्य मुद्रास्फीति 3 प्रतिशत के पार पहुंच गई थी, जो बैंक के 2 प्रतिशत के लक्ष्य से काफी अधिक है।
बैंक ऑफ कोरिया के गवर्नर शिन ह्यून सोंग ने बताया कि समिति के सभी सात सदस्यों ने इस फैसले का समर्थन किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आर्थिक विकास, उपभोक्ता कीमतों और वित्तीय स्थिरता को देखते हुए यह बढ़ोतरी अनिवार्य थी।













