पिछले दिनों अपने जिले के सबसे बड़े साहब पर अनदेखी का आरोप लगाते हुए सत्ताधारी दल के एक पूर्व माननीय ने खूब हंगामा किया था। अब बारी साहब की थी।
उन्होंने अपने अधीनस्थ अधिकारियों से एक आदेश जारी करवाया कि शहर में स्वच्छता का ध्यान रखते हुए किसी भी प्रकार के पोस्टर-बैनर बिना अनुमति के नहीं लगाए जाएं। अब सवाल यह है कि अनुमति पहले तो कभी ली नहीं, अब कैसे लें?













