पिछले दिनों सीधी भर्ती के एक अधिकारी कानून-व्यवस्था संभालने के दौरान घायल हो गए। युवा पीढ़ी के इन साहब को इन दिनों वरिष्ठ और समकक्ष अधिकारी बिना मांगे लगातार सलाह दे रहे हैं।
सलाह यह दी जा रही है कि आगे रहना चाहिए, लेकिन ऐसी परिस्थितियों में छोटे अधिकारियों और सिपाहियों को आगे रखना चाहिए। एक शुभचिंतक ने तो यहां तक कह दिया कि ज्यादा होशियारी कहीं भारी न पड़ जाए।













