गोपेश्वर, 17 जुलाई।
बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे की कथित हेराफेरी मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मंदिर के पूर्व अधिकारी राजेंद्र चौहान को गिरफ्तार कर लिया। हाल ही में सेवानिवृत्त हुए चौहान से करीब चार घंटे तक पूछताछ के बाद यह कार्रवाई की गई। उन्हें शनिवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
पुलिस के अनुसार, एसआईटी ने शुक्रवार को बदरीनाथ में राजेंद्र चौहान से विस्तृत पूछताछ की। पूछताछ पूरी होने के बाद दोपहर करीब तीन बजे उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इससे एक दिन पहले जांच टीम ने मंदिर के कंट्रोल रूम से पिछले माह की सीसीटीवी हार्ड डिस्क, कंप्यूटर और अन्य डिजिटल उपकरण अपने कब्जे में लेकर उनकी जांच कराई थी।
प्रारंभिक जांच में 22, 25 और 29 जून की सीसीटीवी फुटेज में गणना कक्ष के भीतर नगदी की कथित हेराफेरी से जुड़े दृश्य सामने आने का दावा किया गया है। इन्हीं तथ्यों के आधार पर एसआईटी ने चौहान से पूछताछ की और बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जांच जारी है और आरोपित से आगे भी पूछताछ की जाएगी।
इस मामले में इससे पहले बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष के निजी सहायक प्रमोद नौटियाल को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। वह फिलहाल जिला कारागार पुरसाड़ी में न्यायिक अभिरक्षा में हैं।
वहीं, चढ़ावे और दान से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच के दौरान रजिस्टर में ओवरराइटिंग मिलने पर बीकेटीसी ने खजांची को उसके पद से हटाकर अन्य जिम्मेदारी सौंप दी थी। इसके अलावा बीकेटीसी की जांच समिति ने 18 पृष्ठों की रिपोर्ट सौंपी है, जिसमें चढ़ावे की गणना के दौरान ड्रेस कोड लागू करने, गणना केंद्र और मंदिर परिसर में अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाने, निगरानी व्यवस्था को और अधिक जवाबदेह बनाने तथा श्रद्धालुओं की भागीदारी के लिए स्पष्ट प्रक्रिया तय करने सहित कई सुझाव दिए गए हैं।













