कुछ महीने पहले लगभग तीन दर्जन अधिकारियों की देश और विदेश में ट्रेनिंग हुई थी। ट्रेनिंग के दौरान एक सहयोगी पर जरूरत से ज्यादा ध्यान देना अब दूसरा रूप ले चुका है।
पहले लंबी-लंबी बातचीत, फिर किसी न किसी बहाने मुलाकात और फिर मामला परवान चढ़ गया। अब चर्चा है कि यह सिलसिला विदेश और पहाड़ों से आगे बढ़कर घरों तक पहुंच गया है।













