हैदराबाद, 17 जुलाई।
हैदराबाद के एक निजी शैक्षणिक संस्थान में छात्रों को कथित तौर पर इस्लामी धार्मिक पाठ और प्रार्थनाएं अनिवार्य रूप से दिए जाने की शिकायत पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने तेलंगाना सरकार को नोटिस जारी किया है। आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है।
यह मामला सईदाबाद स्थित 'सक्सेस द जूनियर कॉलेज' से जुड़ा है। आरोप है कि संस्थान ने स्कूल डायरी के माध्यम से छात्रों को इस्लामी धार्मिक पाठ और प्रार्थनाओं को अनिवार्य गृहकार्य के रूप में पूरा करने के निर्देश दिए थे। शिकायत मिलने के बाद एनएचआरसी के सदस्य प्रियांक कानूनगो की पीठ ने इस पूरे मामले में सरकार से रिपोर्ट तलब की है।
शिकायत में कहा गया है कि छात्रों के धर्म की परवाह किए बिना सभी को यह धार्मिक गृहकार्य करने के लिए कहा गया। गुरुवार को यह मामला तब चर्चा में आया, जब हैदराबाद के एक निजी विद्यालय में दूसरी कक्षा के एक हिंदू छात्र की होमवर्क डायरी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं।
वायरल तस्वीरों में 11 जुलाई की तारीख वाली डायरी के पन्नों पर "दीनियथ" विषय के अंतर्गत "1,2 कलमा पढ़ें" और "सूरह फातिहा पढ़ें" जैसे गृहकार्य दर्ज दिखाई दिए। इन्हीं पन्नों पर गणित और कंप्यूटर जैसे अन्य विषयों के कार्य भी लिखे हुए थे। डायरी पर संबंधित शिक्षिका के हस्ताक्षर होने का भी दावा किया गया है।
इस पूरे विवाद का केंद्र 'सक्सेस द स्कूल' की शिक्षिका शेख आयशा परवीन हैं, जिन्हें प्रबंधन ने सेवा से हटा दिया है। अभिभावकों का आरोप है कि उनके बच्चे को विद्यालय के नियमित गृहकार्य के हिस्से के रूप में कलमा और सूरह फातिहा पढ़ने के निर्देश दिए गए थे। आयोग ने कहा है कि यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो प्रथम दृष्टया यह छात्रों के मानवाधिकारों के उल्लंघन का मामला प्रतीत होता है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एनएचआरसी ने संबंधित अधिकारियों को पूरे प्रकरण की जांच करने और विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।













