चेन्नई, 17 जुलाई।
किलपॉक सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उस समय हड़कंप मच गया, जब तमिलनाडु के चिकित्सा मंत्री अरुणराज अचानक औचक निरीक्षण पर पहुंच गए। मरीजों और उनके परिजनों से मिली रिश्वतखोरी की गंभीर शिकायतों के बाद मंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए प्रसूति वार्ड के चार चिकित्सा सहायकों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है।
निरीक्षण के दौरान परिजनों ने मंत्री के सामने शिकायत की कि वार्ड के कुछ कर्मचारी नवजात के जन्म की सूचना देने और बच्चे को दिखाने के नाम पर खुलेआम रिश्वत की मांग करते हैं। मरीजों ने पेयजल व्यवस्था की कमी को लेकर भी अपना दुखड़ा रोया, जिसे मंत्री ने गंभीरता से लेते हुए सुधार के कड़े निर्देश दिए हैं।
मंत्री ने अस्पताल के डीन और रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर से तत्काल स्पष्टीकरण मांगा। प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर दोषी कर्मचारियों पर गाज गिरी। उन्होंने चेतावनी दी है कि सरकारी अस्पतालों में किसी भी तरह का भ्रष्टाचार या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भविष्य में भी औचक निरीक्षण जारी रहेंगे।
अरुणराज ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शाम तक अस्पताल की पेयजल स्थिति और अन्य मूलभूत सुविधाओं की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए। उन्होंने अस्पताल के सभी चिकित्सकों और कर्मचारियों को पारदर्शिता के साथ काम करने की हिदायत दी ताकि गरीब मरीजों को बिना किसी परेशानी के बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।













