गुवाहाटी, 17 जुलाई।
असम में आम आदमी की थाली से महंगाई का साया हट नहीं रहा है। बीते एक सप्ताह के भीतर चावल, चीनी, खाद्य तेल और अंडों के दामों में हुई भारी वृद्धि से रसोई का पूरा बजट बिगड़ गया है। बढ़ती कीमतों ने मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों की कमर तोड़ दी है।
चावल के बाजार में सबसे ज्यादा असर दिखा है, जहाँ बीपीटी चावल की बोरी के दाम 1,220 रुपये से बढ़कर 1,410 रुपये तक पहुंच गए हैं। सोनाशक्ति चावल के दाम में भी काफी उछाल आया है। इसके साथ ही चीनी की कीमत भी 48 रुपये से बढ़कर 54 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है।
खाद्य तेल के विभिन्न ब्रांड्स में औसतन पांच रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है, वहीं प्याज के दाम भी लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अंडों की कीमतों में आई तेजी ने तो हद ही कर दी है, जहाँ एक ट्रे जो पहले 220 रुपये में मिलती थी, अब उसके लिए 270 रुपये चुकाने पड़ रहे हैं।
महंगाई से जूझ रहे उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी देखी जा रही है। आम जनता का कहना है कि जरूरी वस्तुओं के दामों पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन को तत्काल प्रभावी कदम उठाने चाहिए। महंगाई की इस मार से राहत मिलने की उम्मीद फिलहाल दूर नजर आ रही है।












