भोपाल, 22 जुलाई।
मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) के जबलपुर स्थित स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (एसएलडीसी) ने एक और अहम उपलब्धि हासिल की है। सूचना सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली (आईएसएमएस) के लिए केंद्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर का आईएसओ/आईईसी 27001:2022 प्रमाणन प्राप्त हुआ है।
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इसे प्रदेश के विद्युत क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि देश के बड़े राज्यों के भार प्रेषण केंद्रों में एसएलडीसी जबलपुर इस प्रमाणन को प्राप्त करने वाले अग्रणी केंद्रों में शामिल हो गया है।
बुधवार को ऊर्जा मंत्री ने बताया कि दिल्ली स्थित क्वालिटी एशिया सर्टिफिकेशन ने विस्तृत मूल्यांकन और ऑडिट के बाद यह प्रमाणन प्रदान किया। ऑडिट में एसएलडीसी की सूचना सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पाई गई। उन्होंने कहा कि डिजिटल दौर में विद्युत ग्रिड का संचालन पूरी तरह सूचना एवं संचार प्रणालियों पर आधारित है। ऐसे में साइबर सुरक्षा, डेटा संरक्षण और परिचालन संबंधी सूचनाओं की गोपनीयता बनाए रखना बेहद आवश्यक है। यह प्रमाणन इन क्षेत्रों में एमपी ट्रांसको की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
पहले भी एसएलडीसी जबलपुर कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कर चुका है। हाल ही में सूचना सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए उसे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली थी। आधुनिक ग्रिड प्रबंधन, रियल टाइम मॉनिटरिंग, ऊर्जा प्रबंधन और उन्नत संचार प्रणालियों के प्रभावी उपयोग के कारण केंद्र लगातार राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना रहा है। प्रदेश में बढ़ती बिजली मांग के बीच सुरक्षित और निर्बाध ग्रिड संचालन में इसकी भूमिका अहम मानी जाती है।
एसएलडीसी जबलपुर के अतिरिक्त मुख्य अभियंता एवं मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी राजेश गुप्ता ने बताया कि प्रमाणन के दायरे में केंद्र के नियमित और आउटसोर्स कार्मिक, प्रक्रियाएं तथा सूचना परिसंपत्तियां शामिल थीं। मूल्यांकन के दौरान रियल टाइम ग्रिड ऑपरेशन, विद्युत प्रणाली की शेड्यूलिंग, निगरानी एवं नियंत्रण, संचार नेटवर्क, आईएसडी और आईएसपी से जुड़ी गतिविधियों के साथ संपूर्ण ऑपरेशनल टेक्नोलॉजी (ओटी) और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अवसंरचना का विस्तृत परीक्षण किया गया। उन्होंने बताया कि सूचना सुरक्षा जोखिम प्रबंधन, साइबर सुरक्षा उपायों, डेटा संरक्षण और व्यवसाय निरंतरता व्यवस्थाओं के मूल्यांकन के बाद ही यह प्रमाणन दिया गया। इससे एसएलडीसी की कार्यप्रणाली को वैश्विक मान्यता मिलने के साथ मध्य प्रदेश की विद्युत प्रणाली की विश्वसनीयता और सुरक्षा भी अधिक मजबूत हुई है।











