फिरोजाबाद, 22 जुलाई।
रिश्तों को शर्मसार करने वाले मामले में अदालत ने पुत्री और पुत्रवधू के साथ जबरन दुष्कर्म के दोषी पाए गए व्यक्ति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि अर्थदंड जमा नहीं करने पर उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मामला थाना दक्षिण क्षेत्र का है। यहां रहने वाले रामस्वरूप गोस्वामी ने 9 मई 2024 को पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया था कि उसकी पत्नी, पुत्री, पुत्रवधू, छोटा पुत्र, छोटी पुत्री और धेवती बिना बताए घर से चले गए हैं। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर सभी की तलाश शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने रामस्वरूप की पत्नी को बरामद कर उसके बयान न्यायालय में दर्ज कराए। महिला ने अपने बयान में आरोप लगाया कि उसका पति परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट करता था। उसने यह भी कहा कि वह पुत्री और पुत्रवधू के साथ जबरन गलत काम करता था। बयान में यह भी आरोप लगाया गया कि उसने एक पुत्री के साथ शारीरिक संबंध बनाने के बाद उसकी हत्या कर दी थी। महिला के अनुसार कार्रवाई के डर से वह पुत्रवधू को जहर देकर मारने की बात भी कह रहा था। उत्पीड़न से परेशान होकर परिवार के लोग अलीगढ़ चले गए थे। उसने यह भी आरोप लगाया कि उसका पुत्र विकास भी अपने पिता जैसा है और स्वयं को बचाने के लिए रामस्वरूप ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
पत्नी के बयान के आधार पर पुलिस ने रामस्वरूप गोस्वामी और उसके पुत्र विकास को आरोपी बनाते हुए जेल भेज दिया। इसके बाद दोनों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश, त्वरित न्यायालय प्रथम देवदत्त की अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से दोनों पीड़िताओं, अभियुक्त की पत्नी तथा अन्य महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। इसके साथ ही न्यायालय के समक्ष कई साक्ष्य भी पेश किए गए।
पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों की गवाही के आधार पर अदालत ने रामस्वरूप गोस्वामी को दोषी ठहराते हुए शेष प्राकृतिक जीवन तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर एक लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया। अदालत ने आदेश दिया कि अर्थदंड की राशि का 80 प्रतिशत दोनों पीड़िताओं को बराबर-बराबर दिया जाएगा। वहीं, पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर सह-अभियुक्त विकास को दोषमुक्त कर दिया गया।










