नई दिल्ली, 24 जुलाई।
केंद्र सरकार ने कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में बल्लारी–गुंटाकल रेल खंड पर तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने की परियोजना को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) की बैठक में इस परियोजना को स्वीकृति मिली। इसकी अनुमानित लागत 1,264 करोड़ रुपये है और इसे वर्ष 2028-29 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि परियोजना को पीएम-गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत मंजूरी दी गई है। इसका उद्देश्य मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी को मजबूत करना और माल परिवहन की क्षमता बढ़ाना है। परियोजना से भारतीय रेल नेटवर्क में लगभग 46 किलोमीटर की वृद्धि होगी तथा तीन जिलों के करीब 99 गांवों को बेहतर रेल संपर्क मिलेगा।
रेल मंत्रालय के अनुसार, इस परियोजना से लौह अयस्क, डोलोमाइट, चूना पत्थर, इस्पात, कोयला, खाद और खाद्यान्न जैसी वस्तुओं के परिवहन में सुविधा मिलेगी। अनुमान है कि अतिरिक्त माल परिवहन क्षमता बढ़कर 16.22 मिलियन टन प्रतिवर्ष तक पहुंच जाएगी।
मंत्रालय ने बताया कि परियोजना से तेल आयात में लगभग 1.32 करोड़ लीटर की बचत होगी और कार्बन उत्सर्जन में 6.67 करोड़ किलोग्राम तक कमी आने का अनुमान है। इसके अलावा बल्लारी किला और श्री कुमार स्वामी मंदिर जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक रेल संपर्क भी बेहतर होगा।















