नई दिल्ली, 24 जुलाई।
पेपर लीक के विरोध में जारी आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के बीच दिल्ली के विठ्ठलभाई पटेल हाउस में बैठक हुई। हालांकि वार्ता के बाद भी कोई सहमति नहीं बन सकी। बैठक के बाद सीजेपी ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उनकी असमझौतावादी (नॉन-नेगोशिएबल) मांग है।
बैठक में सीजेपी की ओर से राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका शामिल हुए, जबकि सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह मौजूद रहे। बैठक हाल ही में दोनों पक्षों के बीच हुई प्रारंभिक बातचीत की अगली कड़ी थी।
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में सौरव दास ने कहा कि उन्होंने सरकार के समक्ष स्पष्ट कर दिया है कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग से पीछे हटने का कोई सवाल नहीं है। उन्होंने कहा कि आंदोलन छात्रों के हितों और परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए जारी रहेगा।
इस बीच संसद के मानसून सत्र के दौरान छात्र मुद्दों को लेकर विपक्षी सांसदों ने भी विरोध प्रदर्शन की तैयारी की। जानकारी के अनुसार, विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर के मकर द्वार पर प्रदर्शन की घोषणा की।















