काठमांडू, 28 जुलाई।
नेपाल के वीरगंज स्थित नारायणी अस्पताल के चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों पर हुए प्राणघातक हमले तथा पर्सा जिला प्रशासन कार्यालय में वार्ता के समय पुलिस द्वारा किए गए दुर्व्यवहार के प्रतिवाद में नेपाल चिकित्सक संघ के आह्वान पर पूरे देश में आपातकालीन व्यवस्था को छोड़कर शेष समस्त चिकित्सीय सेवाएं पूर्णतः बाधित कर दी गई हैं।
नेपाल चिकित्सक संघ द्वारा जारी आधिकारिक पत्र के माध्यम से यह जानकारी दी गई कि गत 25 जुलाई को नारायणी अस्पताल में सेवारत डॉक्टर प्रमोद राम समेत अन्य डॉक्टरों तथा स्वास्थ्य कर्मियों पर गंभीर हमला किया गया था और चिकित्सा परिसर में भारी तोड़फोड़ की गई थी। सिर पर गहरी चोट लगने की वजह से डॉक्टर राम चिकित्सीय देखरेख में इलाजरत हैं। इसके अतिरिक्त पर्सा के जिला प्रशासन कार्यालय में प्रशासनिक अधिकारी की उपस्थिति में पुलिस बल का दुरुपयोग करते हुए संघ के केंद्रीय पदाधिकारियों और नारायणी शाखा के अध्यक्ष सहित अन्य डॉक्टरों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग व दुर्व्यवहार किया गया।
संघ के अध्यक्ष डॉक्टर बद्री रिजाल तथा महासचिव डॉक्टर विश्वराज दवाड़ी ने अपने वक्तव्य में कहा है कि इस देशव्यापी आंदोलन के कारण आम रोगियों को होने वाली कठिनाइयों के लिए हम खेद प्रकट करते हैं, साथ ही यह भी स्पष्ट करते हैं कि इस सारी स्थिति की संपूर्ण उत्तरदायित्व सीधे तौर पर नेपाल सरकार का ही है।












