भोपाल, 28 जुलाई।
मध्य प्रदेश में सक्रिय मानसून ट्रफ और दो प्रभावी मौसम प्रणालियों के कारण कई जिलों में वर्षा का सिलसिला बना हुआ है। मौसम विभाग ने मंगलवार को सतना, कटनी, उमरिया, मंडला, डिंडौरी, सिवनी, रायसेन और बैतूल सहित आठ जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में अगले 24 घंटों के दौरान चार इंच या उससे अधिक वर्षा होने की संभावना जताई गई है।
राजधानी भोपाल में सुबह से रुक-रुककर हल्की बारिश होती रही। वहीं प्रदेश के अनेक अन्य जिलों में कहीं हल्की तो कहीं तेज वर्षा के आसार हैं। इनमें भोपाल, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, हरदा, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, बालाघाट, रीवा, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी शामिल हैं।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में अब तक औसतन 13.2 इंच (336.7 मिमी) वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि तक 16 इंच (407 मिमी) बारिश होनी चाहिए थी। इस प्रकार प्रदेश में अब भी करीब 17 प्रतिशत वर्षा की कमी बनी हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 20 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 15 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। अभी तक केवल भोपाल, भिंड, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, मंदसौर, राजगढ़ और सीहोर में सामान्य से अधिक वर्षा हुई है। इनमें देवास सबसे आगे है, जहां औसत से 29 प्रतिशत अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है।
मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बना गहरा अवदाब पश्चिम बंगाल और उत्तर ओडिशा तट के निकट पहुंच चुका है। यह प्रणाली झारखंड और छत्तीसगढ़ से होकर मध्य भारत की ओर बढ़ेगी। इसके प्रभाव से 28 से 30 जुलाई के बीच मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना बनी हुई है।













